
विवाह संस्कार में अग्नि के समक्ष हवन किया जाता है। यह विवाह को पवित्र बनाता है।
Duration
1hr – 3hr
विवाह संस्कार क्या है ...विवाह संस्कार सनातन हिन्दू धर्म में एक पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार है, जो दो व्यक्तियों (वर और वधू) को जीवन भर के लिए पति-पत्नी के रूप में जोड़ता है उन्हें धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष (चार पुरुषार्थों) की प्राप्ति के लिए एक साथ बांधता है, और उन्हें निष्ठावान गृहस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देता है, जिसमें वे एक-दूसरे के प्रति समर्पण और सहयोग का भाव रखते हैं। यह सोलह संस्कारों में से एक है और जीवन के उत्तरार्ध (विद्याध्ययन के बाद) में गृहस्थ आश्रम में प्रवेश का द्वार खोलता है, जिससे पितृ ऋण से उऋण होने में मदद मिलती है। । *मुख्य उद्देश्य और महत्व:* आत्माओं का मिलन: यह दो आत्माओं को एक साथ लाता है, जिससे वे एक संयुक्त इकाई के रूप में जीवन बिता सकें। गृहस्थ जीवन की शुरुआत: यह विद्याध्ययन के बाद गृहस्थ आश्रम में प्रवेश का माध्यम है, जो समाज और परिवार के लिए आवश्यक है। *ऋण मुक्ति:* यह पितृ ऋण (संतानोत्पत्ति द्वारा) और अन्य ऋणों से मुक्ति पाने का एक तरीका है। *समर्पण और सेवा:* यह पति-पत्नी के बीच समर्पण, सेवा और सहयोग के भाव को मजबूत करता है, जहाँ वे एक-दूसरे की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हैं। आदर्श जीवन: यह राम-सीता जैसे आदर्श दंपतियों की तरह निष्ठावान और प्रेमपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। *प्रमुख रस्में (संक्षिप्त):* द्वाराचार (Dwarachar): दूल्हे का स्वागत और पूजन। वागदान (Vagdan): वचनबद्धता। हस्तबंद/कन्यादान (Hastbandh/Kanyadaan): कन्या का दान। पाणिग्रहण (Panigrahan): वर-वधू का हाथ पकड़ना और पत्नी के रूप में स्वीकार करना। सप्तपदी/फेरे (Saptapadi/Fere): अग्नि के चारों ओर सात फेरे लेना, जिसमें सात वचन लिए जाते हैं। ग्रन्थिबन्धन (Granthibandhan): गांठ बांधना, जिसमें गांठ में दूर्वा, पुष्प, हल्दी आदि रखकर आजीवन साथ रहने का संकल्प लिया जाता है। संक्षेप में, विवाह संस्कार केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक, सामाजिक और नैतिक बंधन है जो जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होता है।
"Pandit ji performed the puja very peacefully and explained every ritual beautifully. Our entire family felt a divine presence and the atmosphere was very positive."
Ramesh Sharma
Verified Devotee
Usually 1hr – 3hr. Duration depends on the specific rituals flow.
You can choose the complete samagri kit during booking. Alternatively, you can arrange items from the "Self Arrange" list yourself.
Yes, we offer e-Puja via live video call with an experienced Vedic pandit.
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₹100
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