
आपके नन्हे तारे की सुरक्षा और सुनहरे भविष्य की शुरुआत परिचय - "एक नन्हीं सी जान जब हमारे जीवन में कदम रखती है, तो अपने साथ खुशियों का पूरा संसार लेकर आती है। माता-पिता के रूप में...
Duration
2hr – 4hr
गंडमूल शांति पूजा – शिशु के सुरक्षित, समृद्ध और बाधा-रहित भविष्य का वैदिक संकल्प परिचय (Introduction) संतान का जन्म किसी भी परिवार के लिए सबसे बड़ा उत्सव और ईश्वर का सबसे सुंदर आशीर्वाद होता है। माता-पिता के रूप में, हमारा पूरा जीवन बच्चे की मुस्कान, उसकी सेहत और उसकी सफलता के इर्द-गिर्द घूमने लगता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष नक्षत्रों में जन्म लेने के कारण बच्चे की कुंडली में 'गंडमूल दोष' का निर्माण होता है। अश्विनी, आश्लेषा, मघा, जेष्ठा, मूल और रेवती—इन 6 नक्षत्रों को गंडमूल नक्षत्र कहा जाता है। जब कोई शिशु इनमें से किसी नक्षत्र में जन्म लेता है, तो उसके स्वास्थ्य, स्वभाव और भविष्य पर, साथ ही माता-पिता के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। 'पूजा सारथी' का मानना है कि सनातन धर्म में हर दोष का निवारण और हर समस्या का समाधान बेहद सरल और कल्याणकारी बताया गया है। गंडमूल शांति पूजा कोई डर नहीं, बल्कि आपके बच्चे के जीवन को सकारात्मकता, शांति और समृद्धि से भरने का एक पवित्र माध्यम है। एक माता-पिता का दिल हमेशा अपने बच्चे को दुनिया की हर बुरी नजर और हर संकट से बचाकर रखना चाहता है। गंडमूल शांति पूजा आपके उसी प्रेम और फिक्र को ईश्वर की प्रार्थना से जोड़ती है। पूजा की संपूर्ण विधि और प्रक्रिया (Ritual & Process) शास्त्रों के अनुसार, शिशु के जन्म के ठीक 27वें दिन (जब वही नक्षत्र दोबारा आता है) यह पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है। यदि किसी कारणवश उस समय यह न हो पाए, तो किसी भी शुभ मुहूर्त में इसे कराया जा सकता है। पूजा सारथी ऐप के माध्यम से यह पूजा पूरी तरह से प्रामाणिक विधि से संपन्न की जाती है। विशेष नक्षत्र देवता का पूजन: जिस नक्षत्र में बच्चे का जन्म हुआ है, उसके अधिपति देवता का विशेष मंत्रों द्वारा आवाहन और पूजन किया जाता है। 27 कुओं/नदियों का जल और 27 पत्तों का संचय: वैदिक परंपरा के अनुसार, इस पूजा में 27 अलग-अलग स्थानों के जल, मिट्टी और विभिन्न वृक्षों के पत्तों (जैसे आम, पीपल, गूलर आदि) का उपयोग करके औषधीय जल तैयार किया जाता है। महामृत्युंजय और नवग्रह शांति हवन: बच्चे की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और ग्रहों को शांत करने के लिए विशेष आहुतियां दी जाती हैं। शिशु और माता-पिता का अभिषेक: पूजा के अंत में तैयार किए गए पवित्र औषधीय जल से शिशु और माता-पिता का अभिषेक किया जाता है, जो उनके चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाता है। छाया दान और ब्राह्मण भोज: दोष निवारण के लिए कांसे के कटोरे में घी और सिक्का डालकर बच्चे का चेहरा देखा जाता है (छाया दान) और फिर योग्य ब्राह्मणों को भोजन व दान-दक्षिणा दी जाती है। पूजा सारथी के साथ ही क्यों जुड़ें? (The Puja Sarthi Promise) हम समझते हैं कि आपके बच्चे का भविष्य आपके लिए कितना अनमोल है। इसलिए पूजा सारथी आपकी आस्था और भरोसे का पूरा सम्मान करता है। विद्वान एवं अनुभवी पंडित: हमारी ऐप पर मौजूद सभी आचार्य और पंडित वैदिक शास्त्रों के प्रकांड विद्वान हैं, जिन्हें गंडमूल शांति अनुष्ठान का वर्षों का अनुभव है। शुद्ध और प्रामाणिक सामग्री: पूजा में उपयोग होने वाली हर एक सामग्री (जैसे 27 तरह की जड़ी-बूटियाँ, शुद्ध घी, हवन सामग्री) पूरी तरह से शुद्ध और शास्त्रोक्त होती है। पारदर्शी और सुविधाजनक: आप अपने घर पर इस पूजा का आयोजन बेहद आसानी से बुक कर सकते हैं। मुहूर्त से लेकर सामग्री की व्यवस्था तक, हर जिम्मेदारी हमारी है। "अपने नन्हे तारे के जीवन से हर अंधकार को दूर करें। आज ही 'पूजा सारथी' ऐप के माध्यम से गंडमूल शांति पूजा का संकल्प लें और उसके सुरक्षित व सुनहरे कल की नींव रखें।"
"Pandit ji performed the puja very peacefully and explained every ritual beautifully. Our entire family felt a divine presence and the atmosphere was very positive."
Ramesh Sharma
Verified Devotee
Usually 2hr – 4hr. Duration depends on the specific rituals flow.
You can choose the complete samagri kit during booking. Alternatively, you can arrange items from the "Self Arrange" list yourself.
Yes, we offer e-Puja via live video call with an experienced Vedic pandit.
basic pandit selected
₹3,100
Continue to BookCall Now: +91 87509 29004Mon–Sun, 7 AM – 9 PM
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