
शिशु के प्रथम बाल कटाने का संस्कार। यह पहले या तीसरे वर्ष तक किया जाता है। यह संस्कार आप हमारे वैदिक विद्वानों के द्वारा करा सकते हैं
Duration
0.5hr – 1hr
*चूड़ाकर्म संस्कार (या मुंडन संस्कार)* सनातन हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से आठवां है, जिसमें शिशु के जन्म के बाद पहली बार सिर के बाल उतारे जाते हैं, जो स्वास्थ्य, शुद्धिकरण, बुद्धि वृद्धि, दीर्घायु और पिछले जन्म के अवांछित संस्कारों से मुक्ति का प्रतीक है, ताकि शिशु को निरोगी, तेजस्वी और यशस्वी बनाया जा सके, जिसमें अक्सर शिखा (छोटी चोटी) छोड़ी जाती है और वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है। *महत्व और उद्देश्य:* स्वास्थ्य: गर्भ के बालों को अशुद्ध माना जाता है; उन्हें हटाने से सिर की खुजली, फोड़े और जूँ जैसी समस्याओं से बचाव होता है और सिर हल्का व ठंडा रहता है। शुद्धि और नवीनीकरण: यह शिशु को शारीरिक और मानसिक शुद्धता प्रदान करता है, जिससे वह नई ऊर्जा के साथ जीवन की शुरुआत करता है। *बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास* : यह मस्तिष्क को पुष्ट करता है, बुद्धि, बल और तेज की वृद्धि करता है, और बच्चे को अच्छे संस्कारों की ओर प्रेरित करता है। दीर्घायु और समृद्धि: वेदों के अनुसार, यह संस्कार बालक की लंबी आयु, ऐश्वर्य और उत्तम संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है। *प्रक्रिया और परंपरा:* समय: यह संस्कार शिशु के पहले, तीसरे, पांचवें या सातवें वर्ष में, किसी शुभ मुहूर्त में किया जाता है, अक्सर अन्नप्राशन संस्कार के बाद। *मुंडन:* शिशु के सिर के बाल पहली बार उस्तरे (क्षुर) से उतारे जाते हैं, जिससे गर्भजन्य अशुद्ध बाल हट जाते हैं। *शिखा:* सिर के बीच में थोड़े बाल छोड़े जाते हैं (शिखा), जिससे कॉस्मिक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और यह हिंदुत्व की पहचान भी है। *मंत्रोच्चार:* नाई द्वारा बाल उतारते समय वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है, और माता मन ही मन गायत्री मंत्र का जप करती है। *लेपन*: बाल उतारने के बाद सिर पर दूध, दही, घी और जल मिलाकर लेप लगाया जाता है, और चंदन या रोली से 'ॐ' या स्वस्तिक बनाया जाता है। *विसर्जन:* उतारे गए बालों को गोबर में लपेटकर या आटे के गोले में रखकर भूमि में गाड़ दिया जाता है या नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है, ताकि वे खाद बनकर धरती को उपजाऊ बनाएं। संक्षेप में, चूड़ाकर्म संस्कार शिशु के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जो उसके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए किया जाने वाला एक पवित्र अनुष्ठान है। यह संस्कार आप हमारे वैदिक विद्वानों के द्वारा करा सकते हैं
"Pandit ji performed the puja very peacefully and explained every ritual beautifully. Our entire family felt a divine presence and the atmosphere was very positive."
Ramesh Sharma
Verified Devotee
Usually 0.5hr – 1hr. Duration depends on the specific rituals flow.
You can choose the complete samagri kit during booking. Alternatively, you can arrange items from the "Self Arrange" list yourself.
Yes, we offer e-Puja via live video call with an experienced Vedic pandit.
basic pandit selected
₹3,100
Continue to BookCall Now: +91 87509 29004Mon–Sun, 7 AM – 9 PM
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