
पूजा सारथी के आध्यात्मिक मंच पर आपका स्वागत है। नारायण बलि पूजा सनातन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और कल्याणकारी वैदिक अनुष्ठानों में से एक है। यह विशेष पूजा मुख्य रूप से पितृ दोष के न...
Duration
3hr – 5hr
नारायण बलि पूजा क्या है? (What is Narayan Bali Puja?) 'नारायण बलि' दो शब्दों से मिलकर बना है— नारायण (भगवान विष्णु) और बलि (श्रद्धापूर्वक दिया जाने वाला अर्घ्य या भोग)। यह एक ऐसी विशेष विधि है जो किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा को प्रेत योनि से मुक्ति दिलाकर पितृ योनि या मोक्ष की ओर ले जाने के लिए की जाती है। साधारण श्राद्ध या तर्पण से जब पितरों की तृप्ति नहीं हो पाती, तब भगवान नारायण के निमित्त यह विशेष पूजा संपन्न की जाती है। यह पूजा क्यों की जाती है? (Significance & Purpose) शास्त्रों के अनुसार, यह पूजा मुख्य रूप से दो स्थितियों में अनिवार्य मानी गई है: अकाल मृत्यु (Unnatural Death): यदि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु दुर्घटना, बीमारी, आत्महत्या, हत्या, सांप के काटने या किसी भी प्रकार की असामयिक या अकाल परिस्थिति में हुई हो, तो उनकी आत्मा की शांति के लिए यह पूजा की जाती है। पितृ दोष और वंश वृद्धि में रुकावट: यदि किसी जातक की कुंडली में भारी 'पितृ दोष' हो, जिसके कारण: वंश आगे न बढ़ रहा हो (संतान प्राप्ति में लगातार बाधा)। व्यापार या नौकरी में लगातार नुकसान हो रहा हो। घर में अत्यधिक कलह और मांगलिक कार्यों में रुकावट आ रही हो। पूजा का मुख्य आधार (Core Ritual) चूंकि अकाल मृत्यु के कारण जीवात्मा प्रेत योनि में फंसी रह जाती है, इसलिए इस पूजा में भगवान विष्णु (नारायण) की प्रतिमा स्थापित कर उनकी विशेष आराधना की जाती है। इसमें प्रतीकात्मक रूप से कृत्रिम शव (कुश के पुतले) का निर्माण कर उसका पूरे शास्त्रोक्त विधि-विधान से अंतिम संस्कार और पिंड दान किया जाता है। मान्यता है कि नारायण बलि करने से स्वयं भगवान विष्णु उस जीवात्मा की जिम्मेदारी लेते हैं और उसे सब बंधनों से मुक्त कर देते हैं। मुख्य तीर्थ स्थल (Famous Spiritual Places) यद्यपि यह पूजा योग्य विद्वान ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में स्थानीय शिव मंदिर या पवित्र नदी के तट पर भी संपन्न की जा सकती है, लेकिन शास्त्रों में इसके लिए कुछ विशेष तीर्थों को परम फलदायी माना गया है। पूजा सारथी विशेष संदेश: नारायण बलि पूजा एक अत्यंत संवेदनशील और उच्च स्तरीय वैदिक प्रक्रिया है। इसे केवल पूर्ण ज्ञानी, सदाचारी और कर्मकांडी पंडितों के द्वारा ही संपन्न कराया जाना चाहिए ताकि जातक और उसके परिवार को इसका संपूर्ण और सकारात्मक फल प्राप्त हो सके।
"Pandit ji performed the puja very peacefully and explained every ritual beautifully. Our entire family felt a divine presence and the atmosphere was very positive."
Ramesh Sharma
Verified Devotee
Usually 3hr – 5hr. Duration depends on the specific rituals flow.
You can choose the complete samagri kit during booking. Alternatively, you can arrange items from the "Self Arrange" list yourself.
Yes, we offer e-Puja via live video call with an experienced Vedic pandit.
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₹11,000
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