
दुर्गा सप्तशती (Devi Mahatmya) केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि माँ भगवती की साक्षात कृपा प्राप्त करने का सबसे शक्तिशाली और अचूक माध्यम है। जीवन में चल रही बड़ी से बड़ी परेशानी, शत्रु बाध...
Duration
2hr – 4hr
दुर्गा सप्तशती को 13 अध्यायों में विभाजित किया गया है, जो मुख्य रूप से तीन चरित्रों (भागों) में बंटे हुए हैं। ये तीनों भाग माँ के तीन स्वरूपों (महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती) को समर्पित हैं। प्रथम चरित्र (प्रथम अध्याय) प्रमुख देवी - महाकाली कथा - इसमें भगवान विष्णु के कान के मैल से उत्पन्न मधु और कैटभ नाम के राक्षसों के वध की कथा है। यह तामसी शक्तियों पर विजय का प्रतीक है। मध्यम चरित्र (दूसरा, तीसरा और चौथा अध्याय) प्रमुख देवी - महालक्ष्मी कथा - इसमें महिषासुर नाम के भयानक राक्षस और उसकी सेना के वध का वर्णन है। देवताओं के तेज से माँ दुर्गा का प्राकट्य इसी भाग में होता है। यह राजसी शक्तियों के संतुलन का प्रतीक है। उत्तम चरित्र (पाँचवें से तेरहवें अध्याय तक) प्रमुख देवी - महासरस्वती कथा - इसमें शुम्भ-निशुम्भ, चण्ड-मुण्ड और रक्तबीज जैसे असुरों के संहार की कथा है। यह सात्विक ज्ञान द्वारा अज्ञानता के नाश का प्रतीक है। 🛠️ पाठ की सही विधि (How to Recite) दुर्गा सप्तशती का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे एक व्यवस्थित क्रम में पढ़ा जाता है। कवच, अर्गला और कीलक स्तोत्र - पाठ शुरू करने से पहले शरीर और मन को सुरक्षित करने के लिए इनका पाठ अनिवार्य है। नवाण मंत्र का जाप - "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" मंत्र का जाप। मुख्य पाठ - १३ अध्यायों का पाठ (सुविधा अनुसार इसे 9 दिनों में बांटकर भी किया जाता है, क्षमा प्रार्थना - पाठ के अंत में अनजाने में हुई गलतियों के लिए माँ से क्षमा याचना की जाती है। 🤝 पूजा सारथी को ही क्यों चुनें? विद्वान और प्रामाणिक आचार्य - हमारे सभी पंडित जी शास्त्रों के ज्ञाता हैं, जो 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' (नवाण मंत्र) के शुद्ध संपुट और सही उच्चारण के साथ पाठ संपन्न करते हैं। पूर्ण पारदर्शी व्यवस्था - पूजन सामग्री की शुद्धता से लेकर शुभ मुहूर्त चयन तक, हर जिम्मेदारी पूजा सारथी की होती है। सच्ची श्रद्धा और नियम - पाठ के दौरान शास्त्रों में बताए गए सभी नियमों (जैसे क्षमा प्रार्थना और आरती) का पूरी निष्ठा से पालन किया जाता है। आज ही अपना अनुष्ठान बुक करें! अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और माँ जगदम्बा का आशीर्वाद पाने के लिए आज ही हमसे संपर्क करें।
"Pandit ji performed the puja very peacefully and explained every ritual beautifully. Our entire family felt a divine presence and the atmosphere was very positive."
Ramesh Sharma
Verified Devotee
Usually 2hr – 4hr. Duration depends on the specific rituals flow.
You can choose the complete samagri kit during booking. Alternatively, you can arrange items from the "Self Arrange" list yourself.
Yes, we offer e-Puja via live video call with an experienced Vedic pandit.
basic pandit selected
₹11,000
Continue to BookCall Now: +91 87509 29004Mon–Sun, 7 AM – 9 PM
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